समां ही है कुछ ऐसा की परवानें बहुत होंगे
टूटा अगर दिल मेरा तो कारनामें बहुत होंगे
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मैं हूँ की तेरी याद में हर दिन ग़ज़ल लिखता हूँ
यूँ तो तेरी शोख अदा के दीवानें बहुत होंगे —
टूटा अगर दिल मेरा तो कारनामें बहुत होंगे
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मैं हूँ की तेरी याद में हर दिन ग़ज़ल लिखता हूँ
यूँ तो तेरी शोख अदा के दीवानें बहुत होंगे —